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Sunday, July 17, 2011
पोखरा नेपाल
पोखरा नेपाल का प्रमुख पर्यटक स्थल है। यदि काठमांडू नेपाल की राजनीतिक राजधानी है, तो पोखरा संस्कृति और रोमांच का केंद्र। पोखरा नेपाल के मशहूर ट्रैकिंग और रॉफ्टिंग स्थलों की ओर जाने का द्वार है। इस शहर में साल भर ट्रैकिंग और रॉफ्टिंग के शौकीनों का ताता लगा रहता है। काठमांडू से 200 किमी.पश्चिम में स्थित पोखरा काठमांडू के बाद सैलानियों की पहली पसंद है। नेपाल के इस स्वर्ग में घूमने-फिरने के लिए अनेक जगहें हैं।फ्यूबा झील:-1.5 किमी. लंबी यह झील नेपाल की दूसरी सबसे बड़ी झील है। इस झील से पहाड़ों का बहुत की सुंदर दृश्य दिखलाई पड़ता है। झील के शांत पानी में पहाड़ियों की परछाई की खूबसूरत छटा देखते ही बनती है। झील की सुंदरता का आनंद उठाने के साथ-साथ खाने का मजा भी यहां लिया जा सकता है। यहां पर बोटिंग का भी अपना ही मजा है। झील के किनार बने होटल व गेस्ट हाउस पारंपरिक शैली में हैं जो इस जगह की खूबसूरती को और भी बढ़ा देते हैं।अन्नपूर्णा पर्वत श्रृंखला:-पोखरा का सबसे प्रमुख आकर्षण अन्नपूर्णा पर्वत श्रृंखला है। पश्चिम से पूर्व तक फैली इस पर्वतमाला में शामिल प्रमुख पर्वत हैं: धौलागिरी, अन्नपूर्णा, फिश टेल। सुबह के समय इसकी सुंदरता देखते ही बनती है। सूरज की किरणें जब पहाड़ की चोटियों पर पड़ती हैं, तब ऐसा लगता है मानो किसी ने सोना बिखेर दिया हो। फिशटेल पहाड़ आपको सुप्रभात कहता प्रतीत होता है।बेग्नास और रूपा झील:-पोखरा का नाम पोखरी शब्द पर रखा गया है जिसका नेपाली में अर्थ है झील। पोखरा में कुल आठ झील हैं जिनमें से बेग्नास और रूपा झील भी हैं। ये झील पोखरा से करीब 15 किमी. दूर हैं लेकिन यहां के शांत माहौल में आराम करना सैलानियों को बहुत लुभाता है। यहां पर बोटिंग और फिशिंक का आनंद उठाया जा सकता है। बेग्नस बजार में आप पहाड़ी खरीदारी का मजा ले सकते हैं।सेती मंडकी:-सेती मंडकी और सेती घाटी पोखरा के दो अन्य पर्यटक स्थल हैं। सेती मंडकी शहर के बीच में से बहती है और कई जगह तो पूरी तरह जमीन के अंदर ही अपना सफर तय करती है। पोखरा में यह धारणा प्रचलित है कि पोखरा की पूरी भूमि सेती नदी में तैरती है।महेंद्र गुफा:-महेंद्र गफा मध्य पोखरा से करीब 10 किमी. दूर है। यह प्राकृतिक स्थान सेती नदी के किनार बटुलेचर्स गांव के पास स्थित है। इस गुफा में चमगादड़ों की संख्या इतनी अधिक है कि स्थानीय लोगों के बीच यह चमगादड़ गुफा के नाम से जानी जाती है। इस गुफा में रोशनी बहुत कम आती है। इसलिए टॉर्च लेकर ही आएं।डेविस फॉल्स:-यह अदभुत झरना मध्य पोखरा शहर से 2 किमी. दूर है। इस झरने का पानी सीधे एक पतली सी नहर में गिरता है। माना जाता है कि इस नहर में गिर डेविड नाम के एक पर्यटक की मृत्यु हो गई थी। उन्हीं की याद में पोखरा के लोगों ने इस झरने का नाम डेविड झरना रखा।पोखरा संग्रहालय:-पोखरा संग्रहालय बस स्टेशन और महेंद्र ब्रिज के बीच स्थित है। इस संग्रहालय में विभिन्न जनजातिय समूहों से संबंधित चीजों का संग्रह प्रदर्शित की गई हैं। इसके अलावा विभिन्न संस्कृतियों से संबंधित आभूषणों, वाद्य यंत्रों और कपड़ों का संग्रह भी यहां देखा जा सकता है।बिंदया बसिनी मंदिर:-यह मंदिर चारों ओर से हरियाली से घिरा हुआ है। 1949 में लगी आग से इस मंदिर को नुकसान पहुंचा था। अपने वास्तुशिल्प के लिए प्रसिद्ध यह मंदिर मुख्य रूप से देवी भगवती को समर्पित है जहां शनिवार के दिन विशेष पूजा अर्चना का आयोजन किया जाता है। lalsingh
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